Video

Advertisement


इन्फ्रास्ट्रक्चर के काम में देरी से थमा भारत-चीन सीमा व्यापार, गुंजी में रुके व्यापारी
India-China border , infrastructure work; traders, Gunji.
उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से छह साल बाद फिर से शुरू होने जा रहे ऐतिहासिक भारत-चीन सीमा व्यापार पर एक बार फिर ब्रेक लग गया है। तिब्बत के तकलाकोट (पुलांग) मंडी में भारतीय व्यापारियों के लिए बनाई जा रही नई दुकानों और गोदामों का निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका है। चीनी विदेश मंत्रालय और वहां के स्थानीय प्रशासन ने बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने के लिए कुछ और समय मांगा है। इस तकनीकी देरी के कारण सीमा पार व्यापार की शुरुआत को फिलहाल टालना पड़ा है, जिससे दोनों देशों के सीमांत क्षेत्रों के कारोबारियों को अभी और इंतजार करना होगा।
इस अचानक आए स्थगन से पिथौरागढ़ जिला प्रशासन द्वारा ट्रेड पास प्राप्त कर चुके लगभग 100 भारतीय व्यापारी और उनके सहयोगी धारचूला के गुंजी में ही रुक गए हैं। भारतीय सीमा के भीतर कस्टम, जांच और माल क्लीयरेंस की सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, लेकिन चीन की ओर से हरी झंडी न मिलने के कारण माल आगे नहीं भेजा जा पा रहा है। व्यापारियों को डर है कि मानसून की दस्तक और इस देरी की वजह से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि पड़ोसी देश नेपाल के व्यापारी पहले ही अन्य रास्तों से तकलाकोट मंडी पहुंच चुके हैं।
Priyanshi Chaturvedi 10 July 2026

Comments

Be First To Comment....

Page Views

  • Last day : 8796
  • Last 7 days : 47106
  • Last 30 days : 63782
x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.