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खंडवा और बुरहानपुर जिलों के कोरकू आदिवासी समाज ने जंगलों की सुरक्षा और वन विभाग के समर्थन में 13 जुलाई को खंडवा में बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। इस प्रदर्शन में करीब दो हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। समाज का कहना है कि जंगल उनके जीवन और आजीविका का आधार हैं, इसलिए वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण रोकने और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए वे वन विभाग के साथ खड़े हैं।
यह निर्णय हाल ही में खंडवा जिले की गुड़ी रेंज के आमा खुजरी जंगल में हुई उस घटना के बाद लिया गया, जिसमें अतिक्रमण रोकने गई वन विभाग की टीम पर हमला हुआ था और आठ कर्मचारी घायल हो गए थे। इसके बाद वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए करीब 200 एकड़ वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया और दोबारा कब्जा रोकने के लिए सुरक्षा उपाय भी किए। कोरकू समाज ने इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अभियान लगातार जारी रखने की मांग की है।
समाज की मांग है कि वन भूमि और आदिवासियों की जमीनों से सभी अवैध कब्जे हटाए जाएं तथा भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए स्थायी कार्ययोजना बनाई जाए। कोरकू समाज का कहना है कि वह वन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में है और जंगलों के संरक्षण के लिए हर संभव सहयोग करेगा। 13 जुलाई का प्रस्तावित आंदोलन वन संरक्षण के समर्थन और अवैध अतिक्रमण के विरोध का बड़ा संदेश माना जा रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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