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जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी के लिए खरीदी गई दो किताबों में आतंकी हाफिज सईद, मकबूल भट और अन्य अलगाववादी नेताओं का महिमामंडन किए जाने के आरोपों के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मामले में UAPA समेत कई धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। विवाद बढ़ने पर स्कूल शिक्षा विभाग ने दोनों किताबों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का आदेश दिया, जबकि उपराज्यपाल के निर्देश पर 8 अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया और एक संविदा कर्मचारी की सेवा समाप्त कर दी गई।
आरोप है कि किताबों में जम्मू-कश्मीर को भारत अधिकृत कश्मीर बताया गया, प्रतिबंधित संगठन JKLF के संस्थापक मकबूल भट को शहीद और हाफिज सईद सहित कई अलगाववादी नेताओं को महान एवं प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में प्रस्तुत किया गया। भाजपा ने इसे "एकेडमिक जिहाद" करार देते हुए किताबों पर प्रतिबंध लगाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि इस तरह की सामग्री पाकिस्तान के एजेंडे को बढ़ावा देती है और नई पीढ़ी पर गलत प्रभाव डाल सकती है।
पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने मामले की जांच शुरू कर दी है और एक प्रकाशक के दफ्तर पर छापेमारी कर दस्तावेज व डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। लेखकों और प्रकाशकों को जम्मू-कश्मीर में ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है तथा उनकी प्रकाशित सामग्री वापस लेने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की विस्तृत जांच के लिए दो अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिन्हें 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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