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देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में शामिल HDFC बैंक ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को अपना नया चेयरमैन नियुक्त करने का फैसला किया है। बैंक के निदेशक मंडल ने उन्हें चार साल के लिए स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है। उनकी नियुक्ति 30 जून 2026 से प्रभावी होगी, हालांकि इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की अंतिम मंजूरी जरूरी होगी। मंजूरी मिलने के बाद राजीव कुमार तीन साल के लिए बैंक के अंशकालिक चेयरमैन का पद संभालेंगे। वह अतनु चक्रवर्ती की जगह लेंगे, जिन्होंने मार्च 2026 में नैतिक कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था।
1984 बैच के पूर्व IAS अधिकारी और भारत के पूर्व वित्त सचिव रह चुके राजीव कुमार को बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में लंबे प्रशासनिक अनुभव के लिए जाना जाता है। वित्तीय सेवा विभाग (DFS) के सचिव रहते हुए उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बढ़ते एनपीए, पूंजी की कमी और बैंकिंग सुधारों पर अहम काम किया। उनके नेतृत्व में एनपीए की पारदर्शी पहचान, दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के प्रभावी क्रियान्वयन, बैंक पुनर्पूंजीकरण और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय जैसे बड़े फैसलों को आगे बढ़ाया गया। इसके अलावा उन्होंने शेल कंपनियों पर कार्रवाई, पोंजी योजनाओं पर रोक और बैंकिंग क्षेत्र में जवाबदेही बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।
इस बीच, HDFC बैंक के एमडी एवं सीईओ शशिधर जगदीशन का मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने वाला है। उम्मीद की जा रही है कि बैंक का बोर्ड RBI की मंजूरी मिलने के बाद उन्हें तीसरे कार्यकाल के लिए भी सिफारिश करेगा। ऐसे समय में राजीव कुमार की संभावित नियुक्ति को बैंक के लिए मजबूत नेतृत्व और बेहतर कॉरपोरेट गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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