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मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री के बाद मौसम का मिजाज दो अलग-अलग रूप में दिखाई दे रहा है। एक ओर मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 45 जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, वहीं दूसरी ओर मानसून फिलहाल 15 जिलों तक पहुंचने के बाद आगे नहीं बढ़ पाया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि चक्रवाती हवाओं के सक्रिय रहने से कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं, लेकिन मानसून की धीमी रफ्तार किसानों की चिंता बढ़ा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, इंदौर, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, झाबुआ, धार, उज्जैन, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, शहडोल, सागर, दमोह और छतरपुर सहित कुल 45 जिलों में तेज बारिश और आंधी की संभावना है। वहीं ग्वालियर-चंबल संभाग के ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, श्योपुर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में केवल हल्की बारिश या बूंदाबांदी के आसार हैं। इन क्षेत्रों में उमस और गर्मी का असर जारी रहेगा तथा दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बन रहे नए मौसमी सिस्टम के प्रभाव से अगले तीन से चार दिनों में मानसून दोबारा सक्रिय होगा और प्रदेश के शेष हिस्सों में भी तेजी से आगे बढ़ेगा। ऐसे में किसानों और आम लोगों को जल्द ही पूरे मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश की उम्मीद है, जिससे खरीफ फसलों की बुआई और जलस्तर में सुधार होने की संभावना बढ़ेगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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