15 दिन बाद आगे बढ़ा मानसून, छत्तीसगढ़ में एंट्री; कई राज्यों में बारिश तो कहीं हीटवेव का कहर
करीब 15 दिनों तक छत्तीसगढ़ की सीमा पर रुका मानसून आखिरकार दंतेवाड़ा के रास्ते राज्य में प्रवेश कर गया है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसमीय सिस्टम ने मानसून को आगे बढ़ने में मदद की, जिसके बाद बस्तर संभाग में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में मानसून राज्य के बाकी हिस्सों को भी कवर कर लेगा। वहीं मेघालय में भारी बारिश का दौर जारी है, जहां खासी हिल्स जिले के मॉसिनराम में 24 घंटे के भीतर 530 मिमी बारिश दर्ज की गई।
देश के कई हिस्सों में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। राजस्थान के श्रीगंगानगर में ओलावृष्टि हुई, जबकि तमिलनाडु के थूथुकुडी में धूल का बवंडर देखा गया। पहले इसे टॉरनेडो माना गया था, लेकिन बाद में मौसम विभाग ने स्पष्ट किया कि यह स्थानीय संवहन से बना धूल का बवंडर था। दूसरी ओर मध्य प्रदेश के पांच जिलों और उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है।
मानसून की धीमी रफ्तार का असर खेती और खरीफ बुआई पर भी पड़ा है। 12 जून तक खरीफ फसलों की बुआई पिछले साल की तुलना में 3.9% कम रही, जबकि दालों और कपास के रकबे में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। देश में जून महीने की बारिश सामान्य से 42.2% कम रही है, जिससे यह पिछले 126 वर्षों में दूसरा सबसे सूखा जून बन गया है। हालांकि जलाशयों में औसत से अधिक जल भंडारण होने के कारण फिलहाल सिंचाई के लिए कुछ राहत बनी हुई है, लेकिन कृषि क्षेत्र की उम्मीदें अब जुलाई और अगस्त की बारिश पर टिकी हैं।