MP सरकार का बड़ा फैसला: 48 लाख लोगों को मिलेगी मुफ्त रजिस्ट्री, कपास पर मंडी शुल्क भी घटाया
मध्य प्रदेश सरकार ने स्वामित्व योजना के तहत 48 लाख से अधिक भू-खंड धारकों को बड़ी राहत देते हुए मुफ्त रजिस्ट्री का रास्ता साफ कर दिया है। सरकार ने पंचायत उपकर, पंजीयन शुल्क और स्टांप ड्यूटी माफ करने के लिए अध्यादेश जारी कर दिया है। Mohan Yadav सरकार के इस फैसले से लाभार्थियों को भूमि अधिकार अभिलेखों का पंजीयन कराने में आर्थिक राहत मिलेगी। इस योजना से राज्य सरकार पर करीब 3,800 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आने का अनुमान है।
सरकार ने 9 जून की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों को लागू करते हुए कपास पर मंडी शुल्क 1 प्रतिशत से घटाकर 0.50 प्रतिशत कर दिया है। वहीं मंडियों में लगने वाला सामान्य शुल्क 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.50 प्रतिशत कर दिया गया है। इस संबंध में भी अधिसूचना जारी कर दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे कपास उत्पादक किसानों को राहत मिलेगी, जबकि मंडी व्यवस्था के लिए आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध रहेंगे।
स्वामित्व योजना के तहत जिन लोगों के अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं, उन्हें अब भूमि के पंजीयन के बाद बैंक ऋण प्राप्त करने में आसानी होगी। इससे वे गृह निर्माण, कृषि कार्यों और छोटे व्यवसायों के लिए वित्तीय सहायता हासिल कर सकेंगे। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी। साथ ही योजना के प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता गतिविधियों के लिए 10 करोड़ रुपये भी स्वीकृत किए गए हैं। सरकार का दावा है कि यह पहल ग्रामीण नागरिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और संपत्ति के कानूनी अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।