NEET री-एग्जाम की गाइडलाइंस पर भड़के छात्र: मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर पाबंदी से बढ़ा आक्रोश
मध्य प्रदेश के 30 जिलों में 21 जून 2026 को होने वाली NEET-UG परीक्षा को लेकर प्रशासन ने बेहद सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की धांधली और पेपर लीक को रोकने के लिए परीक्षा हॉल के भीतर मोबाइल, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ और ईयरफोन जैसी तमाम इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। पूर्व में हुए पेपर लीक विवाद के बाद इस बार परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सुरक्षा के असाधारण इंतजाम किए गए हैं, जिसके तहत कई केंद्रों पर जैमर और सीसीटीवी कैमरे भी इंस्टॉल किए गए हैं।
सुरक्षा के इन कड़े बंदोबस्तों के बीच, दोबारा परीक्षा (री-नीट) का सामना कर रहे छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बार-बार की परीक्षाओं और सिस्टम की कमियों से आजिज आ चुके स्टूडेंट्स ने वर्तमान एजुकेशन सिस्टम पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। छात्रों का साफ तौर पर कहना है कि हमारा एजुकेशन सिस्टम बेहद गंदा और लचर हो चुका है, जहां जिम्मेदार अधिकारी और नेता सिर्फ अपनी जेबें भरने में लगे हैं और उन्हें बच्चों के भविष्य तथा उनके मानसिक तनाव की कोई परवाह नहीं है।
गौरतलब है कि पूर्व में मई महीने के दौरान आयोजित हुई मुख्य परीक्षा को पेपर लीक के बड़े आरोपों के चलते रद्द कर दिया गया था। इस गंभीर गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार ने परीक्षा के ठीक पहले टेलीग्राम ऐप पर भी देशव्यापी अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। हालांकि, कड़े पहरे और प्रशासनिक दावों के बीच भी परीक्षार्थियों में अब तक विश्वास की कमी साफ दिख रही है। छात्र लगातार सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं कि सुरक्षा के नाम पर उन्हें परेशान करने के बजाय सिस्टम के भीतर बैठे भ्रष्ट चेहरों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।