MP Monsoon 2026: मानसून की रफ्तार धीमी, 20 जून के बाद दस्तक की उम्मीद
मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है और मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में इसकी एंट्री के लिए अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ सकता है। सामान्य तौर पर मानसून 15 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार यह अभी Chhattisgarh और Maharashtra के विदर्भ क्षेत्र तक भी पूरी तरह नहीं पहुंच पाया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 20 जून के बाद ही मध्यप्रदेश में मानसून प्रवेश कर सकता है। इस बीच गुरुवार से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिससे प्री-मानसून बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहेंगी।
मौसम विभाग के अनुसार जून में अब तक प्रदेश में 41 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, जबकि केवल 26.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 37 फीसदी कम है। कई जिलों में बारिश का आंकड़ा बेहद कम रहा है। Alirajpur में अब तक बारिश दर्ज नहीं हुई, जबकि Barwani, Dewas और Khargone में भी सामान्य से काफी कम वर्षा हुई है। इससे खरीफ फसलों की बुवाई को लेकर किसानों की चिंता बढ़ने लगी है।
वहीं, Bhopal में प्री-मानसून गतिविधियां अच्छी रही हैं। 1 जून से अब तक यहां 98.6 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 50.6 मिमी अधिक है और जून के औसत कोटे का 70 प्रतिशत से ज्यादा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बादल, हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा, जबकि मानसून की औपचारिक एंट्री 20 जून के बाद कभी भी हो सकती है।