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इंदौर के महावीर नगर क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति से एक दर्जन से अधिक लोग उल्टी-दस्त और पेट संबंधी बीमारियों की चपेट में आ गए। जांच में पता चला कि जिस सरकारी बोरवेल से करीब 150 घरों में पानी की सप्लाई हो रही थी, उसमें ड्रेनेज का गंदा पानी रिसकर मिल रहा था। रहवासियों की सतर्कता के कारण समय रहते इस समस्या का पता चल गया, जिससे भागीरथपुरा जैसी बड़ी घटना टल गई। शिकायतों के बाद नगर निगम ने पानी की सप्लाई बंद कर जांच शुरू कर दी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई दिनों से पानी में बदबू आ रही थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं हुई। जब लगातार लोग बीमार पड़ने लगे तो रहवासियों ने खुद बोरवेल की जांच की, जहां ड्रेनेज का गंदा पानी सीधे मिलते हुए दिखाई दिया। क्षेत्र के कई परिवारों में महिलाएं और बच्चे भी बीमार हुए हैं। ढाई साल की बच्ची अविका को गंभीर संक्रमण के बाद बेहतर इलाज के लिए अहमदाबाद ले जाना पड़ा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। घर-घर सर्वे कर ओआरएस और दवाइयों का वितरण किया गया, जबकि दूषित पानी की टेस्टिंग भी कराई जा रही है। निगम अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल प्रभावित बोरवेल की सप्लाई बंद कर दी गई है और वैकल्पिक बोरवेल से पानी उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। साथ ही, यह पता लगाया जा रहा है कि ड्रेनेज का गंदा पानी बोरवेल तक कैसे पहुंचा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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