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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य सरकार आगामी विधानसभा के मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पेश करने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार कई समसामयिक विषयों पर विधेयक लाएगी, जिनमें UCC सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि भगवान महाकाल की कृपा से यह विधेयक इसी सत्र में पारित हो सकता है। 20 जून से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में इस पर सभी की नजरें रहेंगी।
राज्य सरकार का कहना है कि UCC लागू होने से विवाह, तलाक, गोद लेने, उत्तराधिकार और संपत्ति से जुड़े मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित होगी। इसके लिए गठित विशेषज्ञ समिति विभिन्न सामाजिक संगठनों, समुदायों और कानूनी विशेषज्ञों से सुझाव लेने के बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है। सरकार अब उसी रिपोर्ट के आधार पर विधेयक का अंतिम मसौदा तैयार कर रही है।
प्रदेश सरकार UCC को सामाजिक समानता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रही है, जबकि विपक्ष और कुछ सामाजिक संगठनों का मानना है कि इस विषय पर व्यापक चर्चा और सभी पक्षों की सहमति जरूरी है। यदि यह विधेयक पारित होकर लागू हो जाता है, तो मध्य प्रदेश उत्तराखंड, गुजरात, गोवा और असम के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पांचवां राज्य बन जाएगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रस्तावित UCC विधेयक में कौन-कौन से प्रावधान शामिल किए जाएंगे।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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