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फ्रांस के एवियन में आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन के वर्किंग सेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिस्सा लिया। 'सभी के हित में संतुलित, समावेशी और टिकाऊ आर्थिक विकास' विषय पर आयोजित इस सत्र में उन्होंने वैश्विक सहयोग, भरोसे और साझेदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। इससे पहले आउटरीच सेशन में पीएम मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नागरिकों की मौत और समुद्री व्यापार पर पड़े संकट के प्रभाव का मुद्दा उठाया था। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी मौजूद थे।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज की दुनिया पहले से अधिक आपस में जुड़ी हुई है, लेकिन सफल साझेदारी की सबसे बड़ी शर्त आपसी भरोसा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया संसाधनों की नहीं, बल्कि विश्वास की कमी का सामना कर रही है। भारत की सोच 'वसुधैव कुटुंबकम' पर आधारित है, जहां विकास को लोगों की आकांक्षाओं से जोड़कर देखा जाता है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का उद्देश्य दूसरे देशों को आत्मनिर्भर बनने में सक्षम बनाना होना चाहिए।
पीएम मोदी ने ग्लोबल साउथ की अपेक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि विकासशील देशों को केवल सहायता नहीं, बल्कि समान भागीदारी की जरूरत है। वहीं, व्हाइट हाउस के अनुसार, सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच द्विपक्षीय बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, निवेश और रणनीतिक साझेदारी सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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