राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: SIT ने दर्ज की FIR, 42 संदिग्धों से पूछताछ के बाद बड़ी कार्रवाई
लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अयोध्या के राम मंदिर में हुए बड़े चढ़ावा घोटाले में आधिकारिक तौर पर दो प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली हैं। जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ एसआईटी की टीम ने सुरक्षा खामियों को समझने के लिए मंदिर परिसर का गहन निरीक्षण किया। इस त्वरित कानूनी कार्रवाई से पहले जांच दल ने साल 2021 से लेकर अब तक के सभी वित्तीय रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा और निगरानी प्रणाली को कैसे चकमा दिया गया।
इस मामले में जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के उन कर्मियों सहित 42 संदिग्धों पर शिकंजा कसा है, जो दान के पैसों की गिनती में शामिल थे। करीब आठ घंटे से अधिक समय तक चली मैराथन पूछताछ के दौरान कई सेवादारों और कर्मचारियों की संपत्ति में अचानक भारी उछाल आने की बात सामने आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, संदिग्धों के ठिकानों पर की गई छापेमारी में अब तक करोड़ों रुपये की नकदी और भारी मात्रा में सोने के आभूषण बरामद किए जा चुके हैं।
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने जनता को भरोसा दिलाया है कि करोड़ों भक्तों की आस्था से जुड़े इस मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। एसआईटी इस पूरे घोटाले की विस्तृत फोरेंसिक और वित्तीय ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसे आगामी 15 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को सौंपा जाना अनिवार्य है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने तथा दानपात्रों की गिनती से मानवीय हस्तक्षेप को पूरी तरह खत्म करने के लिए स्वचालित कैश-सॉर्टिंग मशीनें लगाने का फैसला किया है।