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मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर अब सिर्फ व्यापार, खानपान और औद्योगिक गतिविधियों के लिए ही नहीं, बल्कि IT और स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए भी देशभर में पहचान बना रहा है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल मानव संसाधन और निवेश अनुकूल नीतियों की बदौलत इंदौर टियर-2 शहरों में तकनीकी क्रांति का नेतृत्व कर रहा है। टीसीएस, इंफोसिस, कॉग्निजेंट, आईबीएम, एलटीआई माइंडट्री और इंपेटस जैसी बड़ी कंपनियां यहां अपने संचालन का विस्तार कर चुकी हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में शहर का आईटी और सॉफ्टवेयर निर्यात 4,038 करोड़ रुपए से अधिक पहुंचना इसकी बढ़ती ताकत का प्रमाण है।
इंदौर में आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर आईटी और स्टार्टअप इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। खंडवा रोड पर करीब 550 करोड़ रुपए की लागत से 21 मंजिला अत्याधुनिक आईटी पार्क तैयार हो रहा है, जिससे 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। वहीं सुपर कॉरिडोर पर नया स्टार्टअप और आईटी पार्क विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा परदेशीपुरा स्थित इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स में नौ मंजिला आईटी पार्क-4 भी तैयार हो गया है, जहां करीब 1500 नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
आईटी सेक्टर के इस तेजी से विस्तार का असर इंदौर के रियल एस्टेट और निवेश बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। सुपर कॉरिडोर, बायपास और खंडवा रोड क्षेत्र निवेशकों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। राज्य सरकार और विकास एजेंसियां फ्लैटेड इंडस्ट्री कैंपस, कन्वेंशन सेंटर, स्टार्टअप पार्क और अन्य आधुनिक सुविधाओं के विकास पर जोर दे रही हैं। यही वजह है कि इंदौर को अब "डॉलर और डॉट कॉम" की नई पहचान के साथ सेंट्रल इंडिया के सबसे बड़े आईटी और स्टार्टअप किंग के रूप में देखा जा रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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