BRICS कृषि सम्मेलन में शिवराज का जोर: छोटे किसानों को सशक्त बनाना वैश्विक खाद्य सुरक्षा की कुंजी
इंदौर में चल रहे BRICS कृषि सम्मेलन के चौथे दिन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने वैश्विक कृषि सहयोग, खाद्य सुरक्षा और छोटे किसानों की मजबूती को सम्मेलन का केंद्रीय विषय बताया। 20 देशों के कृषि मंत्री, विशेषज्ञ और प्रतिनिधि इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत "वसुधैव कुटुंबकम" की भावना के साथ दुनिया को एक परिवार मानते हुए साझेदारी और समन्वय आधारित विकास का समर्थन करता है।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव और बाजार की अनिश्चितताएं छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि यदि छोटे किसान मजबूत होंगे तो वैश्विक खाद्य सुरक्षा भी मजबूत होगी। मंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत के कृषि क्षेत्र में औसतन 4.5 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है और खाद्यान्न उत्पादन लगभग 376 मिलियन टन तक पहुंच चुका है। देश के 87 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत वर्ग से हैं, जिन्हें किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा जैसी योजनाओं से सहायता मिल रही है।
केंद्रीय मंत्री ने प्राकृतिक खेती, मिट्टी संरक्षण और कृषि में तकनीकी नवाचार को भविष्य की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं कृषि क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं, जबकि "ड्रोन दीदी" जैसी पहलें ग्रामीण भारत में तकनीकी बदलाव ला रही हैं। उन्होंने युवाओं से कृषि स्टार्टअप और नवाचार में आगे आने का आह्वान किया तथा BRICS देशों से छोटे किसानों की आय बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और टिकाऊ कृषि विकास के लिए साझा प्रयास करने की अपील की। सम्मेलन में कृषि नवाचार, जलवायु अनुकूल खेती और वैश्विक कृषि सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा जारी है।