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मप्र सिविल सेवा नियम 2026: प्रोबेशन में राहत, गंभीर अपराध पर जाएगी नौकरी
MP Civil Services Rules 2026: Relief, probation, job loss , serious crimes

मध्य प्रदेश सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के लिए मप्र सिविल सेवा नियम-2026 का संशोधित प्रारूप जारी किया है। नए प्रस्तावित नियमों के अनुसार अब किसी कर्मचारी को प्रोबेशन अवधि पूरी होने के बाद नियमित नियुक्ति के लिए वर्षों तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। विभाग प्रमुखों को प्रोबेशन समाप्त होने के छह माह के भीतर कर्मचारी के कार्य का मूल्यांकन कर नियमितीकरण, प्रोबेशन बढ़ाने या अन्य निर्णय लेना होगा। यदि तय समय में कोई फैसला नहीं लिया जाता है तो संबंधित कर्मचारी स्वतः नियमित माना जाएगा।

संशोधित नियमों में अनुशासन और जवाबदेही को भी सख्त किया गया है। प्रस्ताव के मुताबिक गंभीर श्रेणी के अपराधों में दोषी पाए जाने वाले शासकीय सेवकों की सेवा समाप्त की जा सकेगी। वर्तमान नियमों में मुख्य रूप से महिला अपराधों से जुड़े मामलों में ही ऐसी कार्रवाई का प्रावधान था। सरकार का मानना है कि नए नियमों से प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।

 

सरकार ने दो बच्चों की नीति को भी यथावत रखने का प्रस्ताव रखा है, हालांकि पूर्व में विशेष परिस्थितियों में दो से अधिक संतान वाले कर्मचारियों को कुछ मामलों में राहत मिल सकती है। इसके अलावा नियमों में "अलग राज्य" और "अलग देश" जैसी परिभाषाओं की जगह केवल "भारत का निवासी" शब्द जोड़ा गया है। वरिष्ठता निर्धारण संबंधी प्रावधानों को भी सरल और स्पष्ट बनाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रारूप को सार्वजनिक कर दिया है और शासकीय सेवक, उनके परिवारजन तथा आम नागरिक 15 जून तक सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। सरकार प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम नियम लागू करेगी।

Priyanshi Chaturvedi 5 June 2026

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