भोपाल मेट्रो परियोजना में बड़ा बदलाव, जमीन देने वालों को मुआवजे के साथ मिलेगा अतिरिक्त निर्माण अधिकार
भोपाल मेट्रो परियोजना से प्रभावित संपत्ति मालिकों के लिए सरकार ने राहत देने वाला बड़ा फैसला लिया है। अब केवल नकद मुआवजा ही नहीं, बल्कि ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR) के माध्यम से अतिरिक्त निर्माण का अधिकार भी दिया जाएगा। नई नीति के तहत जिन लोगों की जमीन या संपत्ति का केवल एक हिस्सा मेट्रो परियोजना के लिए अधिग्रहित होगा, उन्हें बची हुई जमीन पर अतिरिक्त निर्माण की अनुमति मिल सकेगी। इससे प्रभावित परिवारों और व्यापारियों को भविष्य में अतिरिक्त आय के अवसर भी मिल सकते हैं।
नई व्यवस्था के अनुसार आंशिक भूमि अधिग्रहण की स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को बाजार मूल्य के साथ 100 प्रतिशत सांत्वना राशि या फिर 200 प्रतिशत मूल्य के बराबर टीडीआर का विकल्प मिलेगा। भोपाल मेट्रो की दो प्रमुख लाइनों—करोंद से एम्स तक की ऑरेंज लाइन और भदभदा से रत्नागिरी तक की ब्लू लाइन—के लिए कुल 1342 संपत्तियां प्रभावित होने की संभावना है। इनमें लगभग 124 संपत्तियां ऐसी हैं जिनका केवल कुछ हिस्सा अधिग्रहित किया जाएगा, जिससे उन्हें इस नई नीति का सीधा लाभ मिल सकता है।
मेट्रो परियोजना के तहत वर्तमान में कई क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। ऑरेंज लाइन के लिए भेल, जिन्सी, पुल बोगदा और पुल पातरा क्षेत्र में काम चल रहा है, जबकि ब्लू लाइन के लिए न्यू मार्केट, जहांगीराबाद और प्रभात चौराहा क्षेत्र में अधिग्रहण किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार अब तक लगभग 40 प्रतिशत निर्माण हटाए जा चुके हैं और शेष अधिग्रहण प्रक्रिया जारी है। मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि सभी प्रभावितों को राज्य सरकार की स्वीकृत नीति के अनुसार मुआवजा और पुनर्वास संबंधी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।