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Shivraj Singh Chouhan ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर ‘इंटीग्रेटेड फार्मिंग’ अपनाने पर जोर दिया है। भोपाल में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि केवल गेहूं और धान जैसी फसलों पर निर्भर रहकर छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि देश में औसत जोत का आकार काफी छोटा है, ऐसे में खेती को लाभकारी बनाने के लिए बहुआयामी मॉडल अपनाना जरूरी है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन और कृषि वानिकी जैसी गतिविधियों को भी अपनाएं। इस मॉडल से न केवल आय के स्रोत बढ़ेंगे, बल्कि जोखिम भी कम होगा। इसी दिशा में सरकार 11 से 13 अप्रैल तक रायसेन में ‘उन्नत कृषि महोत्सव’ आयोजित कर रही है, जहां वैज्ञानिक किसानों को आधुनिक तकनीकों और इंटीग्रेटेड फार्मिंग के फायदे समझाएंगे।
इस दौरान चौहान ने कांग्रेस नेता Jitu Patwari के विरोध प्रदर्शन पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम ‘अपरिपक्व राजनीति’ को दर्शाते हैं और जनहित के मुद्दों पर संवाद जरूरी है। साथ ही उन्होंने उर्वरकों की कीमतों को लेकर किसानों को भरोसा दिलाया कि वैश्विक दबाव के बावजूद सरकार अतिरिक्त बोझ किसानों पर नहीं पड़ने देगी। उन्होंने कृषि में तकनीक, प्राकृतिक खेती और विविधीकरण को भविष्य की दिशा बताते हुए इसे आत्मनिर्भरता की कुंजी बताया।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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