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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने 2 अप्रैल 2026 को सुबह 4:05 बजे आर्टेमिस II मिशन (Artemis II) लॉन्च कर इतिहास रचा। यह मिशन 1972 के अपोलो-17 के बाद पहली बार मानव को चंद्रमा के करीब ले जाने वाला है। फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) और ओरियन स्पेसक्राफ्ट में चार अंतरिक्ष यात्री रवाना हुए। यह मिशन न केवल तकनीकी परीक्षण है बल्कि भविष्य के चंद्र अभियानों और मानव बस्ती की तैयारी के लिए भी अहम माना जा रहा है।
लॉन्चिंग से एक घंटे पहले लॉन्च अबॉर्ट सिस्टम में तकनीकी समस्या आई थी, लेकिन समय रहते इसे ठीक कर मिशन सफलतापूर्वक उच्च कक्षा में पहुँच गया। इस चरण में अंतरिक्ष यात्री ओरियन के सभी महत्वपूर्ण सिस्टम जैसे लाइफ सपोर्ट, थ्रस्टर और नेविगेशन की जांच कर रहे हैं। मैनुअल पायलटिंग का अभ्यास भी किया जा रहा है ताकि किसी आपात स्थिति में नियंत्रण बनाए रखा जा सके।
हाई अर्थ ऑर्बिट में परीक्षण पूरा होने के बाद यान ट्रांस लूनर इंजेक्शन प्रक्रिया शुरू करेगा, जिससे यह पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण सीमा से बाहर चंद्रमा की ओर बढ़ेगा। लगभग चार दिनों की यात्रा के बाद अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के करीब पहुंचेंगे और फ्री रिटर्न ट्राजेक्टरी का उपयोग करके बिना अतिरिक्त ईंधन खर्च किए पृथ्वी पर लौटेंगे। यह मिशन पिछले 54 वर्षों में डीप स्पेस में सबसे दूर तक मानव मिशन साबित हुआ और आने वाले आर्टेमिस III मिशन के लिए महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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