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मध्यप्रदेश में अप्रैल 2026 में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस में सियासी हलचल तेज हो गई है। राज्यसभा से पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद दिग्विजय सिंह का कार्यकाल समाप्त हो रहा है और उन्होंने दोबारा चुनाव में हिस्सा न लेने का ऐलान कर दिया है। इसके बाद दिग्विजय सिंह ने अपने खास समर्थक पीसी शर्मा का नाम कांग्रेस की ओर से राज्यसभा के लिए आगे बढ़ाया है। कांग्रेस के पास राज्यसभा की तीन सीटों में से एक जीतने की संभावना है, जबकि दो सीट भाजपा के खाते में जाने का अनुमान है।
कांग्रेस में दावेदारों की सूची में दिल्ली की पसंद मीनाक्षी नटराजन सबसे ऊपर हैं, वहीं दलित कोटे से सज्जन सिंह वर्मा भी राज्यसभा की दौड़ में हैं। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, पीसी शर्मा को ब्राह्मण समुदाय में समर्थन मिलने की संभावना के कारण दिग्विजय सिंह ने उनका नाम रखा है। वहीं, सज्जन सिंह वर्मा को पार्टी दलित कार्ड खेलकर मौका दे सकती है, लेकिन उनके लिए दिल्ली में मजबूत लॉबिंग की कमी चुनौती बनी हुई है।
राजनीतिक गणित भी कांग्रेस के लिए चुनौतीपूर्ण है। राज्यसभा सदस्य बनने के लिए 58 वोटों की आवश्यकता है, लेकिन पार्टी के पास कुल 66 वोटों में से कुछ विधायक वोटिंग में शामिल नहीं हो पाएंगे। इसमें मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट ने वोटिंग का अधिकार नहीं दिया, दतिया के राजेंद्र भारती को जेल हुई, और निर्मला सप्रे पर दल बदल कानून के तहत मामला चल रहा है। ऐसे में क्रॉस वोटिंग और सीटों के वितरण में परिवर्तन की संभावना बनी हुई है, जिससे तीसरी सीट भाजपा के हाथ भी जा सकती है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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