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लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मनरेगा की जगह लाई जा रही कथित G-RAM-G (जी-राम-जी) गारंटी योजना का विरोध करते हुए कहा कि उन्हें इस नए कानून के नाम की भी जानकारी नहीं है। दिल्ली के जवाहर भवन में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार मनरेगा को कमजोर कर खत्म करना चाहती है। राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा ने गरीबों को रोजगार का अधिकार दिया है और अगर विपक्ष एकजुट हुआ तो सरकार को इस फैसले से पीछे हटना पड़ेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इसी मुद्दे पर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा महात्मा गांधी के नाम और उनके विचारों को लोगों की स्मृति से मिटाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि वह बजट सत्र के दौरान संसद में मनरेगा और G-RAM-G योजना का मुद्दा जोर-शोर से उठाएगी। विपक्ष शासित राज्यों, जैसे कर्नाटक और तमिलनाडु, में मनरेगा के समर्थन में प्रस्ताव लाने की भी तैयारी है।
राहुल गांधी और खरगे की टिप्पणियों पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि इन बयानों से कांग्रेस की “हिंदू-विरोधी मानसिकता” उजागर होती है। इसी विवाद की कड़ी में कर्नाटक विधानसभा में भी हंगामा देखने को मिला, जब राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए भाषण को पढ़ने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि उसमें G-RAM-G योजना की आलोचना की गई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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