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भोजशाला में वसंत पंचमी और जुमे की नमाज को लेकर उपजे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। नौ साल बाद 23 जनवरी को वसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ने से स्थिति संवेदनशील हो गई थी। दोनों समुदायों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आने के बाद प्रशासन ने धार स्थित भोजशाला को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया था।
मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के 8 अप्रैल 2003 के आदेश को यथावत रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट के आदेश के अनुसार, वसंत पंचमी के दिन हिंदू समाज पूजा कर सकेगा, वहीं जुमे की नमाज के लिए दोपहर 1 से 3 बजे का समय निर्धारित रहेगा। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों और क्षेत्र की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यह संतुलित व्यवस्था कायम रखी है।
गौरतलब है कि हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने दिनभर पूजा की अनुमति की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जबकि मुस्लिम समाज ने भी अपने अधिकारों को लेकर याचिका दायर की थी। इससे पहले भी 1998, 2003, 2006, 2013 और 2016 में वसंत पंचमी और जुमे के एक साथ पड़ने पर विवाद सामने आया था। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले से एक बार फिर पुरानी व्यवस्था को लागू रखते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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