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दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (DSEU) की महिला लेक्चरर ने बकाया सैलरी और रीइंबर्समेंट के लिए लगातार उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि अक्टूबर 2023 से फरवरी 2024 के बीच वेतन भुगतान में देरी और रीइंबर्समेंट के लिए बार-बार उत्पीड़न झेलना पड़ा। इसके विरोध में महिला ने द्वारका कोर्ट में याचिका दायर की, जिसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। यूनिवर्सिटी प्रशासन में हड़कंप मच गया है, जबकि वाइस चांसलर ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए मानहानि का दावा करने की बात कही।
पीड़िता ने कोर्ट में बताया कि फरवरी 2024 में पुलिस से संपर्क करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई और अप्रैल 2024 में उसे सस्पेंड कर दिया गया। बाद में आंतरिक जांच में वह निर्दोष पाई गई और सस्पेंशन रद्द किया गया। उन्होंने कहा कि सस्पेंशन के दौरान उनके व्यक्तिगत रिकॉर्ड और नौकरी के महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों के साथ छेड़छाड़ की गई, जिससे वेतन, पदोन्नति और सेवानिवृत्ति लाभ प्रभावित होने का खतरा था।
महिला लेक्चरर ने आगे आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी के सीनियर अधिकारियों ने दस्तावेज़ फटे और खराब हाल में देने के बाद उसे स्वीकार करने का दबाव डाला। साथ ही उन्हें चेतावनी दी गई कि अगर शिकायतें जारी रहीं तो उन्हें इस्तीफा देना पड़ेगा। इस मामले में कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद FIR दर्ज होने के साथ ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गंभीरता से जांच की जा रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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