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मप्र के नर्मदापुरम के सनसनीखेज और जघन्य हत्याकांड में डॉक्टर सुनील मंत्री दोषी पाया गया। जल्लाद बनकर हैवानियत की सारी हदें पार करने वाले डॉक्टर मंत्री को 4 साल बाद अपने पापों की सजा मिली। खौफनाक वारदात में डॉक्टर ने अपने ड्राइवर की हत्या करके उसके शरीर के आरी से टुकड़े-टुकड़े करके एसिड से भरे ड्रम में डाल दिए। आरोपी डॉक्टर को पुलिस ने रंगे हाथ उसी के घर से गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को कोर्ट में फैसला आया। डॉक्टर सुनील मंत्री को धारा 302 में आजीवन कारावास एवं 10,000 जुर्माना की सजा सुनाई गई।5 फरवरी 2019 को डॉ. सुनील मंत्री ने अपने ड्राइवर वीरू पचौरी की हत्या कर शव के टुकड़े कर दिए थे। हत्या से पहले डॉक्टर ने वीरू को नींद का इंजेक्शन दिया। इसके बाद वह उसे घसीटकर बाथरूम ले गया। जहां सबसे पहले उसने नौकर का गला रेता। इसके बाद बाकी के अंगों को करीब 500 छोटे-छोटे टुकड़ों में काट दिया। बाथरूम में उसने बाल्टी, कड़ाही और भगोनों में एसिड भर रखा था। इसमें डॉक्टर ने शव के टुकड़ों को गलाने डाल दिए थे। डॉक्टर के कुछ पड़ोसियों ने एसिड की दुर्गंध आने की शिकायत पुलिस से की थी। पुलिस मौके पर पहुंची और हत्या का खुलासा हुआ था।केंद्रीय जेल नर्मदापुरम में डॉ. मंत्री की करीब एक साल पहले तबीयत खराब हाे गई थी। इस कारण उसे भोपाल रेफर किया गया था। तभी से डॉ. मंत्री भोपाल की केंद्रीय जेल में बंद है। कुछ माह पहले डॉ. सुनील मंत्री काे काेर्ट के आदेश पर भोपाल पुलिस नर्मदापुरम लाई थी। लॉक संबंधी काम हाेने के बाद उसे वापस ले जाया गया। पेशी नर्मदापुरम से ऑनलाइन होती रही।
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