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कोलार के भोज विवि में डायरेक्टर, प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के 27 पदों की नियुक्तियों के पांच महीने बाद भी आर्डर नहीं निकले हैं। शासन ने स्कू्रटनी और साक्षात्कार में गड़बड़ी होने की बात कही है। इसको देखते हुए भोज विवि ने साक्षात्कार और आवेदनों की स्कू्रटनी के लिए जांच समिति गठित कर दी है। यह समिति अपनी जांच रिपोर्ट अगली बोर्ड बैठक में रखेगी।
भोज विवि ने करीब पांच महीने पहले 41 डायरेक्टर, प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था। इनमें से 27 पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन हो चुका है, जिनके लिफाफे भी खुल चुके हैं। रजिस्ट्रार मनोज तिवारी नियुक्तियों के आर्डर नहीं कर रहे हैं।
इससे नियुक्तियां अटकी हुई हैं। इसको देखते भोज विवि ने जांच कमेटी गठित कर दी है। नियुक्तियों के मामले को सुलझाने को लेकर 27 अक्टूबर को भोज विवि में प्रबंध बोर्ड की बैठक हुई थी। इसमें जांच कमेटी गठित कर जांच कराए जाने का निर्णय हुआ है।
गौरतलब है कि वर्ष 2014 में बरकतउल्ला विवि में हुई 11 नियुक्तियों का मामला अब तक नहीं सुलझा है। इस मामले में शासन तत्कालीन रजिस्ट्रार एलएस सोलंकी को सस्पेंड भी कर चुका है। इस डर की वजह से भोज विवि की नियुक्तियां भी अटक गई हैं।
स्थिति यह है कि विवि के रजिस्ट्रार जब भी प्रबंधन बोर्ड की बैठक होती है, छुट्टी पर चले जाते हैं। हालांकि वे 27 अक्टूबर की बैठक में जरूर शामिल हुए थे। उनका कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने जांच समिति गठित की गई है।
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