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कभी भी खोलने पड़ सकते हैं गेट
राजधानी और आसपास के सभी डैम के गेट इस बार खुल चुके हैं, सिर्फ कोलार के गेट खुलना बाकी हैं। हालांकि यह डैम भी अब लबालब हो गया है। यह अपने फुल टैंक लेवल से सिर्फ एक मीटर नीचे है। डैम में लगातार पानी बढ़ रहा है, लेकिन इस की गति फिलहाल धीमी है। चार दिनों से डेम में रोजाना 4 से 5 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ रहा है। इसके पहले यह रफ्तार 15 से 20 सेंटीमीटर थी। 9 और 10 जुलाई के दौरान यहां एक दिन में एक मीटर जलस्तर बढ़ा था।
डेम का प्रबंधन देख रहे अधिकारयों का कहना है कि गेट खुलने के लिए सिर्फ एक बारिश की जरूरत है।
4-5सेंटीमीटर रोजाना की रफ्तार से बढ़ रहा है डैम का जलस्तर। 459मी. 18 अगस्त 2015 का जलस्तर। .79मीटर की दरकार।
पिछली बार 9 अक्टूबर 2013 को खुले थे गेट-कोलार डेम में 8 गेट हैं। अाखिरी बार डैम के गेट 9 अक्टूबर 2013 को खुले थे। 2013 में 21 अगस्त से 9 अक्टूबर के बीच 28 बार गेट खोले गए थे। इस साल भदभदा, केरवा और कलियासोत डैम के गेट कई बार खुल चुके हैं। अब कोलार के गेट खुलने का ही इंतजार है।
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