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भोपाल। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार द्वारा चलाया गया शुद्ध के लिए युद्ध अभियान अंतर्गत राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र में तीन गुटखा कंपनियों के कारखानों पर स्टेट जीएसटी, खाद्य विभाग, बिजली विभाग और ईओडब्ल्यू ने संयुक्त कार्रवाई की। छापे में 100 करोड़ से अधिक का मिलावटी स्टॉक बरामद हुआ है। गुटखा बनाने की मशीनें भी जब्त की गई हैं। इस कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मचा हुआ है।
मुख्यमंत्री की माफिया के खिलाफ कार्यवाही के तहत यह छापा मारा गया है और छापे का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक अरुण मिश्रा कर रहे हैं। गोविंदपुरा स्थित सी-सेक्टर के तीन गुटखा फैक्टरियों में देर रात एकसाथ छापा मारा गया और कार्रवाई शुक्रवार की सुबह भी जारी है। जांच में करोड़ों रुपये के टैक्स की हेराफेरी का मामला भी सामने आया है।
छापामार कार्रवाई राजश्री गुटखा, कमला पसंद गुटखा और ब्लैक लेबल गुटखा का उत्पादन करने वाली कंपनियों में किया गया है। मिलावटखोर गुटका कंपनियों द्वारा गुटखा उत्पादन कर खुले बाजार में बिक्री करने की लंबे समय से शिकायत मिल रही थीं। उसी आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
करोड़ों रुपये की कर चोरी :
गुटखा कारखानों पर संयुक्त कार्रवाई के दौरान लगभग 500 करोड़ की कर चोरी करने का मामला भी सामने आया है। कारखानों में जो मशीनें गुटखा बनाने के लिए उपयोग की जा रही थीं, उससे यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि इन मशीनों से कई ज्यादा गुना अधिक मिलावटी उत्पादन कारखानों में किया जा रहा था। दूसरी तरफ बिजली की चोरी करने का मामला सामने आया है। बिजली चोरी कर गुटखा कारखानों में दिन रात उत्पादन किए जाने की भी बात सामने आई है। अनुमान से अधिक उत्पादन करने का मामला सामने आने से यही अंदाज लगाया जा रहा है कि 400 से 500 करोड़ की कर चोरी पिछले कई सालों से राजनैतिक संरक्षण में की जा रही थी। ईओडब्ल्यू के पास ई टेंडर, एमसीयू, सिंहस्थ जैसे मामलों पर भी आर्थिक अपराध से जुड़े पुख्ता सबूत मिले हैं। जल्द ही ऐसी मामलों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
कराया जा रहा था बालश्रम
गुटखा कारखानों में नाबालिग बच्चे भी कार्यरत थे। इससे बालश्रम अधिनियम का दुरूपयोग करने का भी मामला सामने आया है और श्रम विभाग आगे की कार्रवाई कर रहा है।
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