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अकसर लोग बारिश के लिए पूजा-अर्चना, भागवत कथाएं, शिवजी को जल अर्पित करने, भंडारे व मेढक-मेंढकी का विवाह करते हैं, लेकिन राजधानी में अत्यधिक बारिश से आजिज आ चुके लोगों ने मेंढक-मेंढकी का तलाक भी करवा दिया है। पिछले दिनों धार्मिक रीति-रिवाज से मेंढक से मेढकी का तलाक करवाकर मायके भेजा गया। ऐसी मान्यता है कि मेंढक-मेंढकी के साथ रहने से अच्छी बारिश होती है। अभी तक की बारिश ने राजधानी में वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अत्यधिक बारिश होने से लोग परेशान होने लगे हैं, इसलिए लोग इस प्रकार के रिवाजों का सहारा ले रहे हैं।
बारिश रोकने इंद्रपुरी स्थित महादेव मंदिर में लोगों ने विधि-विधान से मेंढक से मेंढकी को अलग रखने मेंढकी को मायके भेजने की रस्म अदायगी की। प्रतीकात्मक रूप में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार मेंढक-मेंढकी का दूल्हा-दुल्हन की तरह श्रृंगार किया गया। लोगें ने वर-वधु के परिजनों के रूप में भूमिका निभाई। यह आयोजन ओम शिव शक्ति सेवा मंडल के तत्वावधान में आयोजित किया गया। आयोजन के मुखिया रिंकू भटेजा का कहना है कि अब अत्यधिक बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। मौसमी बीमारियां भी लोगों को घेर रही हैं, इसलिए प्रतीक स्वरूप मिट्टी से निर्मित मेंढक-मेंढकी को अलग-अलग रखने वर्षा जल में प्रवाहित किया।
जुलाई में कराया गया था विवाह
बता दें इस वर्ष प्रदेश में मानसून देरी से आया था, इससे बारिश के मौसम में भी जून जैसी गर्मी पड़ रही थी। प्रदेश में अच्छी बारिश के लिए मंडल के पदाधिकारियों ने इंद्रपुरी स्थित महादेव मंदिर में 19 जुलाई को विधि-विधान से मेढक-मेंढकी का विवाह कराया और मंत्रोच्चार के साथ सात फेरे लगवाने की विधि संपन्न् की गई थी।
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