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भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल ने राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस को यदि युवाओं पर वास्तविक विश्वास होता, तो उसे छात्रों के बीच अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को खड़ा करने की आवश्यकता नहीं पड़ती। छात्रों के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आगे करना यह बताता है कि कांग्रेस युवाओं का विश्वास हासिल करने के बजाय राजनीतिक प्रबंधन और प्रचार के सहारे अपनी मौजूदगी दिखाने का प्रयास कर रही है। छात्रों के बीच कार्यकर्ता खड़े करना, कांग्रेस की युवाओं से दूरी का प्रमाण है। खंडेलवाल ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की जीत पर सभी कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव—तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की है। उन्होंने कहा कि यह परिणाम विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में युवाओं के बीच राष्ट्रवादी विचारधारा की मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है। देश का युवा राष्ट्रहित, सकारात्मक सोच और राष्ट्र निर्माण के विचार के साथ आगे बढ़ना चाहता है। दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने NSUI और वामपंथी संगठनों को पीछे छोड़ते हुए अपना जनादेश दिया है। उन्होंने कहा कि युवा केवल नारों और राजनीतिक प्रचार से प्रभावित नहीं होते, बल्कि वे अपने भविष्य, शिक्षा, अवसरों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी राय व्यक्त करते हैं। युवाओं ने स्पष्ट किया—नई पीढ़ी राष्ट्र निर्माण के विचार के साथ आगे बढ़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बड़े-बड़े दावों और प्रायोजित आयोजनों के बजाय युवाओं के बीच अपनी वास्तविक स्वीकार्यता पर आत्ममंथन करना चाहिए। युवा शक्ति को राजनीतिक प्रोपेगेंडा से नहीं, बल्कि विश्वास, अवसर और भारत के उज्ज्वल भविष्य के संकल्प से जोड़ा जा सकता है। युवा शक्ति प्रायोजित आयोजनों और राजनीतिक प्रोपेगेंडा से नहीं, भारत के उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ती है।
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