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रायपुर में ऑनलाइन कैब और बाइक-टैक्सी सेवाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ओला, उबर और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़े कई चालकों का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं होने के कारण दुष्कर्म, लूट, ठगी और चोरी जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। हाल के महीनों में विधानसभा क्षेत्र में एक युवती से कथित दुष्कर्म और गंज इलाके में रैपिडो चालक द्वारा महिला का हैंडबैग लेकर फरार होने जैसे मामले सामने आए हैं। इसके अलावा पहले चोरी की दोपहिया वाहनों के इस्तेमाल के मामले भी उजागर हो चुके हैं।
पुलिस का कहना है कि शहर के ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन हो चुका है, जिससे किसी वारदात में उनकी पहचान और गिरफ्तारी आसान होती है। इसके विपरीत ऑनलाइन एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म के चालकों का स्थानीय स्तर पर कोई पुलिस रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। हालिया हैंडबैग चोरी के मामले में आरोपी चालक मोबाइल बंद कर फरार हो गया, जिससे उसकी तलाश में कठिनाई आ रही है। ऐसे में ऑनलाइन राइड बुक करने वाले यात्रियों को सतर्क रहने और सफर के दौरान सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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