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जबलपुर में स्वच्छता व्यवस्था को अधिक वैज्ञानिक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए नगर निगम ने केंद्र सरकार के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के तहत बल्क वेस्ट जनरेटर (BWG) व्यवस्था लागू करना शुरू कर दिया है। इसके तहत प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक गीला कचरा उत्पन्न करने वाले होटल, अस्पताल, उद्योग, शैक्षणिक संस्थान, बड़े आवासीय परिसर और मैरिज गार्डन जैसे संस्थानों को अपने परिसर में ही कचरे का निस्तारण करना होगा। शहर में ऐसे 200 से अधिक संस्थान चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से करीब 50 ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पोर्टल पर पंजीयन करा लिया है। नई व्यवस्था के तहत संस्थानों को कम्पोस्ट यूनिट, ऑर्गेनिक वेस्ट कन्वर्टर या बायोगैस प्लांट जैसी वैज्ञानिक तकनीक अपनानी होगी।
इस पहल से नगर निगम पर कचरा परिवहन का बोझ कम होगा और कठौंदा स्थित कचरा प्लांट पर दबाव भी घटेगा। साथ ही, जैविक कचरे से खाद तैयार कर उसका उपयोग बागवानी और अन्य कार्यों में किया जा सकेगा। योजना में जल संरक्षण को भी शामिल किया गया है, जिसके तहत प्रतिदिन 11 हजार लीटर से अधिक पानी उपयोग करने वाले संस्थानों के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाना अनिवार्य होगा। इससे शहर में स्वच्छता बेहतर होगी, प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी आएगी तथा जबलपुर की स्वच्छ और टिकाऊ शहर की पहचान को मजबूती मिलेगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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