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मध्य प्रदेश में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है, जहां शहडोल के जयसिंहनगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ तथाकथित डॉक्टर महेश चंद शर्मा के रिश्वत मामले के बाद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में पता चला कि आरोपी शहडोल, खरगोन और श्योपुर में अलग-अलग कर्मचारी आईडी, पैन नंबर और दस्तावेजों के आधार पर एक साथ नौकरी कर रहा था। तीनों जिलों से वेतन लेते हुए उसने करीब 64 लाख रुपये का सरकारी भुगतान हासिल किया। आरोप है कि वह भतीजे की डिग्री का इस्तेमाल कर नियुक्ति पाने में सफल हुआ और लंबे समय तक सिस्टम की नजरों से बचा रहा।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अक्सर स्वास्थ्य केंद्र से अनुपस्थित रहता था, लेकिन सार्थक ऐप के जरिए दूर बैठे ही ऑनलाइन हाजिरी दर्ज कर देता था। शुरुआती आकलन के मुताबिक उसे श्योपुर से करीब 30 लाख, खरगोन से 20 लाख और शहडोल से लगभग 14 लाख रुपये का मानदेय मिला। मामले पर स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए आरोपी की सेवा समाप्त करने, पूरे वेतन की वसूली और एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है। साथ ही नियुक्ति और सत्यापन प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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