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भोपाल के हनुमानगंज इलाके की दो सगी नाबालिग बहनें जब परिवार की एक मामूली डांट से नाराज होकर रेलवे स्टेशन पहुंचीं, तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वहां घात लगाए बैठे मानव तस्कर उनकी जिंदगी को नरक बनाने के लिए तैयार खड़े हैं। भोपाल रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में भटकी हुई किशोरियों को निशाना बनाने वाला यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। गिरोह में शामिल महिलाएं खुद को मां की तरह दिखाकर लड़कियों का विश्वास जीतती थीं और पुरुष सदस्य उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का झूठा झांसा देते थे। इन दोनों बहनों को भी मौसी के घर पहुंचाने का लालच देकर अगवा किया गया और फिर अलग-अलग गाड़ियों में बैठाकर उनकी राहें हमेशा के लिए अलग कर दी गईं।
तस्करों ने दोनों बहनों को शिवपुरी के कंजर मोहल्ले और गुना की सपेरा बस्ती में बंधक बनाकर रखा, जहां उनका मानसिक रूप से ब्रेनवाश किया गया और शादी का झांसा देकर जबरन देह व्यापार और शोषण के दलदल में धकेल दिया गया। इस खौफनाक नेटवर्क का भंडाफोड़ तब हुआ जब पुलिस ने रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और संदिग्धों का सुराग लगाकर पहले शिवपुरी से छोटी बहन और फिर उसकी निशानदेही पर गुना से बड़ी बहन को सुरक्षित बरामद किया। पुलिस ने इस घिनौने रैकेट के मुख्य सरगना विनोद प्रजापति समेत रितिक और बप्पा सपेरा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश करने की तैयारी पूरी कर ली है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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