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भोपाल में डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले एक सप्ताह में पांच नए मरीज मिलने के बाद संक्रमितों की संख्या 44 पहुंच गई है, जिससे राजधानी प्रदेश में डेंगू मरीजों के मामले में दूसरे स्थान पर आ गई है। स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर के करीब डेढ़ लाख खाली प्लॉट हैं, जहां बारिश का जमा साफ पानी एडीज मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख केंद्र बन रहा है। साकेत नगर, कटारा हिल्स, बागसेवनियां, अवधपुरी सहित कई इलाकों में विशेष लार्वा सर्वे और निगरानी अभियान चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में डेंगू नियंत्रण के लिए टास्क फोर्स गठित करने और लार्वा सर्वे तेज करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, पांच साल पहले 135 लार्वा सर्वे टीमें थीं, जो अब घटकर केवल 44 रह गई हैं, जबकि खाली प्लॉटों की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है। विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें, कूलर, टंकियों और गमलों का पानी नियमित रूप से बदलें तथा बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं। रीवा में 79 मरीजों के बाद भोपाल में सबसे अधिक 44 डेंगू मरीज दर्ज किए गए हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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