MP NHM में बड़ा फर्जीवाड़ा! एक डॉक्टर ने दो जिलों में की नौकरी, दोनों जगह से लेता रहा वेतन
मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में एक और बड़ा कथित फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि संविदा मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेशचंद शर्मा ने श्योपुर जिले की नौकरी छोड़े बिना शहडोल जिले में भी दूसरी नियुक्ति हासिल कर ली और दोनों स्थानों पर सेवा रिकॉर्ड सक्रिय रखते हुए वेतन प्राप्त करता रहा। मामला तब सामने आया, जब रीवा लोकायुक्त ने हाल ही में डॉ. शर्मा को 5,000 रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया, जिसके बाद उनके सेवा रिकॉर्ड की जांच शुरू हुई।
प्रारंभिक जांच के अनुसार डॉ. शर्मा ने वर्ष 2020-21 में श्योपुर जिले के सहसराम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदभार ग्रहण किया था। आरोप है कि वहां की सेवा समाप्त किए बिना वर्ष 2024 में शहडोल जिले के जयसिंहनगर ब्लॉक के उफरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी नियुक्ति ले ली। अब दोनों जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) नियुक्ति, उपस्थिति, वेतन भुगतान और सेवा अभिलेखों का मिलान कर रहे हैं। जांच में डॉक्टर की शैक्षणिक योग्यता, मेडिकल पंजीयन और नियुक्ति प्रक्रिया की भी पड़ताल की जा रही है।
इस मामले ने एनएचएम की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि एक ही व्यक्ति के दो जिलों में सेवा रिकॉर्ड और वेतन भुगतान का पता समय रहते क्यों नहीं चल सका। अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि डॉक्टर का गुजरात और उत्तर प्रदेश के आगरा से क्या संबंध था और क्या उसकी अन्य पेशेवर गतिविधियां भी इस मामले से जुड़ी हैं।