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मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के मंडीदीप में साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 29 जून को अपनी 16 वर्षीय लापता बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के कुछ ही घंटों बाद एक महिला को पुलिस की वर्दी पहने व्यक्ति का वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए दावा किया कि वह बच्ची की तलाश कर रहा है और कार्रवाई के लिए पैसों की जरूरत है। बेटी के मिलने की उम्मीद में महिला ने बताए गए खाते में 3 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। अगले दिन आरोपी ने फिर वीडियो कॉल कर अधिक रकम की मांग की, जिसके बाद महिला को शक हुआ और उसने थाने पहुंचकर जानकारी ली। तब पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुकी है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि ठगों ने पुलिस के ई-कॉप (e-COP) एप पर उपलब्ध एफआईआर की सार्वजनिक जानकारी का दुरुपयोग किया। इस एप पर शिकायतकर्ता का नाम, पता और अन्य विवरण उपलब्ध होने के कारण बदमाशों ने महिला की पूरी जानकारी हासिल कर उसे विश्वास में लिया। वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी दिखाकर ठगों ने ऐसा माहौल बनाया कि महिला को लगा उसकी बेटी मिल गई है और पुलिस सहायता के लिए पैसे मांग रही है। दूसरी बार पैसों की मांग का तरीका संदिग्ध लगने पर महिला ने पुलिस से संपर्क किया, जिससे पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
मंडीदीप थाना पुलिस ने साइबर ठगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी रंजीत सराठे ने कहा कि साइबर अपराधी अब लोगों की भावनाओं का फायदा उठाने के लिए एफआईआर से जुड़ी सार्वजनिक जानकारी का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, वीडियो कॉल या पैसे की मांग पर बिना पुष्टि किए भुगतान न करें और ऐसे मामलों की तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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