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इंदौर में 200 रुपये के एक नकली नोट ने जाली नोटों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। गांधी नगर थाना क्षेत्र के एक रेस्टोरेंट में चाय-नाश्ते का भुगतान करते समय एक युवक ने 200 रुपये का नोट दिया, जिस पर रेस्टोरेंट संचालक को शक हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस ने युवक को मौके पर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 4 हजार रुपये के नकली नोट बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी दीपक पटेल ने खुलासा किया कि उसे ये नोट सिंगापुर टाउनशिप निवासी संजय वैष्णव ने दिए थे।
दीपक की निशानदेही पर पुलिस ने संजय वैष्णव के घर पर छापा मारा, जहां घर के भीतर ही नकली नोट छापने की पूरी व्यवस्था मिली। पुलिस ने मौके से प्रिंटिंग मशीन, नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला सामान और 40 हजार रुपये के नकली नोट जब्त किए। इस कार्रवाई में संजय वैष्णव और उसके साथी रवि को भी गिरफ्तार किया गया। इस तरह मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और पुलिस नकली नोटों के पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी संजय वैष्णव पहले भी नकली नोटों के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। खंडवा एसटीएफ की कार्रवाई के बाद वह जेल गया था, लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद उसने फिर से नकली नोट छापने का कारोबार शुरू कर दिया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अब तक कितने नकली नोट बाजार में खपा चुका है, किन-किन इलाकों में उनकी सप्लाई की गई और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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