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छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जिला खनिज न्यास (DMF) घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के पांच जिलों में एक साथ छापेमारी की है। कथित 575 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रायपुर, धमतरी, दुर्ग, कोरबा और अंबिकापुर के नौ ठिकानों पर तलाशी ली गई। कार्रवाई के दौरान एक करोड़ रुपये से अधिक नकदी के साथ बड़ी मात्रा में दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच जारी है।
ईडी की जांच का केंद्र यह पता लगाना है कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए जारी DMF फंड का उपयोग किस प्रकार किया गया और कहीं सरकारी धन का दुरुपयोग तो नहीं हुआ। जांच एजेंसी को संदेह है कि ठेकेदारों, सप्लायरों और कथित बिचौलियों के जरिए फंड की राशि का गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया। टेंडर आवंटन में अनियमितताओं, कमीशनखोरी और चुनिंदा लोगों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप भी जांच के दायरे में हैं। जब्त दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच से कई महत्वपूर्ण वित्तीय लेनदेन का खुलासा होने की उम्मीद है।
DMF घोटाले की जांच पिछले दो वर्षों से विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा रही है और इससे पहले भी कई अधिकारियों तथा कथित बिचौलियों पर कार्रवाई हो चुकी है। जिला खनिज न्यास फंड का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल जैसी सुविधाओं का विकास करना है, लेकिन इसके उपयोग में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ईडी का कहना है कि बरामद साक्ष्यों की जांच पूरी होने के बाद मामले में और लोगों से पूछताछ तथा आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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