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मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में आदिवासी जमीन की कथित खरीद-फरोख्त का मामला अब प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर गंभीर रूप लेता जा रहा है। मामले में कार्रवाई करते हुए जुन्नारदेव की तत्कालीन एसडीएम Kamini Thakur का तबादला बैतूल कर दिया गया है। इससे पहले उन्हें पद से हटाकर जिला मुख्यालय से अटैच किया गया था। प्रशासनिक कार्रवाई के बीच इस मामले में कई सवाल उठ रहे हैं कि करोड़ों रुपये मूल्य की आदिवासी जमीन का सौदा कथित तौर पर बेहद कम कीमत पर कैसे हुआ और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तामिया क्षेत्र के एक प्रमुख व्यू पॉइंट के आसपास स्थित आदिवासी भूमि, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 6.60 करोड़ रुपये बताई जा रही है, उसका सौदा लगभग 6 लाख रुपये में किए जाने के आरोप हैं। आरोप यह भी हैं कि जमीन के पंजीयन में प्रशासनिक अधिकारियों के परिजन और उनसे जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि संबंधित आदिवासी परिवार को लंबे समय तक जमीन के नामांतरण की जानकारी भी नहीं थी। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक जांच जारी है और संबंधित पक्षों की विस्तृत प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए National Commission for Scheduled Tribes ने संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव, छिंदवाड़ा कलेक्टर और अन्य संबंधित अधिकारियों से 30 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया, नियमों के पालन और आदिवासी भूमि से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जांच के निर्देश दिए हैं। इस बीच, कलेक्टर Harendra Narayan ने परिवीक्षाधीन डिप्टी कलेक्टर Rajnandini Singh को जुन्नारदेव एसडीएम की जिम्मेदारी सौंपी है। अब सभी की नजर आयोग की जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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