Video

Advertisement


ट्विशा केस में रिटायर्ड जज की गिरफ्तारी के बाद पुराने फैसले भी चर्चा में, भोपाल में कानूनी बहस तेज
Twisha case, old judgments , intensifying,  legal debate, Bhopal.

ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच के बीच सीबीआई द्वारा रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के बाद भोपाल में कानूनी और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। स्पेशल कोर्ट ने दोनों को पांच-पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। इसी बीच गिरिबाला सिंह द्वारा पूर्व में सुनाए गए कुछ चर्चित फैसले भी फिर सुर्खियों में आ गए हैं, जिनमें फैज कुरैशी हत्याकांड का फैसला प्रमुख माना जा रहा है।

फैज कुरैशी हत्याकांड में अदालत ने वर्ष 2023 में आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। फैसले में कहा गया था कि अभियोजन पक्ष हत्या के आरोप को संदेह से परे साबित नहीं कर सका। कई प्रत्यक्षदर्शी गवाह अपने बयानों से मुकर गए थे और वैज्ञानिक साक्ष्य भी आरोपी की भूमिका को निर्णायक रूप से साबित नहीं कर पाए थे। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के स्थापित सिद्धांतों का हवाला देते हुए कहा था कि केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्य और पुलिस के बयान किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

 

वहीं ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है। सीबीआई डिजिटल साक्ष्यों, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। मामले में पूर्व न्यायिक अधिकारी की गिरफ्तारी और सीबीआई जांच की दिशा को लेकर कानूनी हलकों में बहस जारी है। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि भोपाल में सीबीआई मामलों के लिए अलग अधिसूचित अदालत नहीं होने की स्थिति में आगे की सुनवाई और ट्रायल प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ेगी।

Priyanshi Chaturvedi 30 May 2026

Comments

Be First To Comment....

Page Views

  • Last day : 8796
  • Last 7 days : 47106
  • Last 30 days : 63782
x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.