रीवा में मनरेगा फर्जीवाड़ा उजागर, RTI कार्यकर्ता के नाम पर बना फर्जी मस्टर रोल
रीवा जिले के गंगेव जनपद पंचायत अंतर्गत कैथा गांव में मनरेगा योजना के तहत गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ कि एक आरटीआई कार्यकर्ता के नाम पर बिना उसकी जानकारी के फर्जी मस्टर रोल जारी कर रोजगार और मजदूरी भुगतान दर्शा दिया गया। हैरानी की बात यह है कि जिस खेत तालाब निर्माण कार्य के नाम पर मजदूरी दिखाई गई, वह कार्य शुरू तक नहीं हुआ था। शिकायत के बाद हुई जांच में रिकॉर्ड और जमीनी स्थिति के बीच बड़ा अंतर सामने आया।
ग्राम कैथा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी के खेत में वर्ष 2023-24 में लगभग 3.85 लाख रुपये की लागत से तालाब निर्माण की स्वीकृति मिली थी। निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि शिकायत का समाधान दिखाने के लिए संबंधित अधिकारियों ने उनके नाम से फर्जी मस्टर रोल तैयार कर करीब 20 दिन का रोजगार दर्ज कर दिया और मनरेगा पोर्टल पर मजदूरी भुगतान की प्रविष्टियां भी कर दीं। जांच के दौरान न तो कार्यस्थल पर निर्माण मिला और न ही मजदूरी से जुड़े कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सके।
जिला पंचायत की जांच में ग्राम पंचायत सचिव महेश पटेल, तत्कालीन उपयंत्री प्रवीण पाण्डेय और सहायक यंत्री निखिल मिश्रा को अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार माना गया है। जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बिना कार्य हुए ही ई-एमबी प्रणाली में तकनीकी सत्यापन कर दिया गया था। 31 पन्नों की जांच रिपोर्ट जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सौंप दी गई है, जिसमें संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और वैधानिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। मामले के खुलासे के बाद मनरेगा कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।