राजस्थान के चूरू में Gen-Z छात्रों का कमाल, बना “वायरलेस सोलर EV चार्जिंग सिस्टम”
राजस्थान के चूरू जिले के तारानगर क्षेत्र में कुछ युवा छात्रों ने इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग से जुड़ी बड़ी समस्या का समाधान पेश करने का दावा किया है। ब्रह्म नगर निवासी छात्र सिद्धार्थ शर्मा और उनकी टीम—सुनील मीणा व आयुष जावर—ने मिलकर “सोलर असिस्टेड स्मार्ट ईवी चार्जिंग सिस्टम विद वायरलेस चार्जिंग” विकसित किया है। यह तकनीक इलेक्ट्रिक वाहनों को बिना प्लग लगाए, ऑटोमैटिक तरीके से चार्ज करने का दावा करती है।
छात्रों के अनुसार यह सिस्टम वायरलेस चार्जिंग तकनीक पर आधारित है, जिसमें पार्किंग या चार्जिंग जोन में लगाए गए विशेष प्लेटफॉर्म से वाहन को ऊर्जा मिलती है। जैसे ही कोई इलेक्ट्रिक वाहन निर्धारित क्षेत्र में पार्क होता है, चार्जिंग प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाती है। इस तकनीक को सोलर एनर्जी से भी जोड़ा गया है, जिससे सौर पैनलों के जरिए बिजली उत्पन्न कर चार्जिंग में उपयोग किया जाएगा। इससे पारंपरिक बिजली खपत कम होने और ऊर्जा संरक्षण में मदद मिलने का दावा किया गया है।
टीम का कहना है कि यह तकनीक भविष्य में शॉपिंग मॉल, हाइवे ढाबों और पार्किंग जोन में उपयोगी साबित हो सकती है, जहां वाहन पार्क करते ही चार्ज होने लगेंगे। यहां तक कि ट्रैफिक सिग्नलों पर भी इस सिस्टम के इस्तेमाल की संभावना बताई गई है, जिससे रेड लाइट पर खड़े वाहन भी चार्ज हो सकेंगे। हालांकि यह तकनीक अभी विकास और परीक्षण चरण में है, लेकिन इसे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में एक संभावित नवाचार के रूप में देखा जा रहा है।