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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और मध्य प्रदेश के नक्सलमुक्त जिलों—बालाघाट, मंडला और डिंडौरी—के 100 गांवों के लिए तैयार किए गए विकास के माइक्रो प्लान को साझा किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इन गांवों में नक्सलियों को समाप्त कर उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए विस्तृत योजनाएं बनाई गई हैं। यह पीएम मोदी को मुख्यमंत्री द्वारा दो साल के कार्यकाल में हासिल की गई उपलब्धियों और आगामी तीन साल के रोडमैप से भी अवगत कराने का अवसर था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी योजनाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का व्यापक उपयोग कर रही है और जल्द एआई नीति भी लागू होगी। भोपाल में आयोजित मप्र रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026 के दौरान एआई लिटरेसी मिशन के तहत कौशल रथ का उद्घाटन किया गया, जो सरकारी स्कूल, कॉलेज और आईटीआई में डिजिटल साक्षरता बढ़ाने के साथ शहर और गांव के बीच डिजिटल अंतर को कम करेगा। मुख्यमंत्री ने मप्र स्पेस टेक नीति-2026 भी लॉन्च की और 7 एमओयू के जरिए शिक्षा, शोध, सरकारी विभागों और ग्रामीण डिजिटल साक्षरता में सुधार की दिशा में काम करने की जानकारी दी।
सीएम मोहन यादव ने पीएम मोदी को मध्य प्रदेश में किसानों के कल्याण के लिए पूरे वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित करने, ग्वालियर में 8 लाख करोड़ रुपए की औद्योगिक परियोजनाओं का भूमिपूजन, 50 लाख किलोग्राम दूध प्रतिदिन एकत्रित करने के लिए दुग्ध विकास योजना, और 12 लाख करोड़ रुपए से अधिक के सड़क निर्माण कार्य जैसी उपलब्धियां भी साझा कीं। नरसिंहपुर के गाडरवारा में एनटीपीसी के सुपर थर्मल पावर स्टेशन का 1600 मेगावॉट का विस्तार भी प्रस्तावित है, जिसकी लागत 20,446 करोड़ रुपए है और इसे 2029-30 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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