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भोपाल नगर निगम ने गोवध कांड के बाद शहर के जिंसी स्थित 32 करोड़ के स्लॉटर हाउस को हमेशा के लिए बंद कर दिया। अब नगर निगम शहर में पशु कटाई का कोई इंतजाम नहीं करेगा और जिम्मेदारी प्रशासन के पाले में डाली गई है। स्लॉटर हाउस में काम करने वाली लाइव स्टॉक प्रालि और मालिक असलम कुरैशी को आजीवन ब्लैकलिस्ट किया गया, जबकि 11 कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया।
17 दिसंबर 2025 को भैंस के मांस को गोमांस बताकर सर्टिफिकेट देने वाले वेटरनरी डॉ. बीपी गौर को भी सस्पेंड किया गया। मंगलवार को नगर परिषद की बैठक में भाजपा पार्षदों और महापौर मालती राय के बीच हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष ने महापौर पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने स्पष्ट किया कि शहर में जानवरों की कटाई की जिम्मेदारी निगम की नहीं है और भोपाल को मांस की मंडी नहीं बनने दी जाएगी।
जांच में सामने आया कि स्लॉटर हाउस से भैंस के मांस की आड़ में गोमांस सप्लाई हो रही थी। पुलिस ने दिसंबर में मुंबई भेजे जा रहे मांस के सैंपल लिए, जिसमें गोमांस की पुष्टि हुई। इसके बाद लाइव स्टॉक कंपनी और मालिक कुरैशी के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस मामले में कई कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया और भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव, सुरेंद्र वाडीका और पप्पू विलासराव घाटगे ने इस्तीफा देने की धमकी दी, लेकिन अध्यक्ष ने इसे स्वीकार नहीं किया।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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