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मध्य प्रदेश की मोहन कैबिनेट की बैठक मंगलवार 13 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित हुई। बैठक से पहले सीएम ने प्रदेश में शुरू किए गए समाधान अभियान की जानकारी दी। इस अभियान के तहत 16 विभागों की 91 हितग्राहीमूलक योजनाओं को पात्र लोगों तक घर-घर पहुंचाया जाएगा। अभियान का पहला चरण 12 जनवरी से 16 फरवरी तक, दूसरा चरण 16 फरवरी से 16 मार्च तक क्लस्टर शिविरों के रूप में और अंतिम चरण 31 मार्च तक जिला स्तर पर आयोजित होगा। सीएम ने सभी मंत्रियों को अपने-अपने जिलों में अभियान की सतत निगरानी के निर्देश दिए। यह बैठक खास इसलिए भी रही क्योंकि यह प्रदेश की पहली पूरी तरह ई-कैबिनेट बैठक थी, जिसमें सभी मंत्री टैबलेट के जरिए प्रस्तावों पर चर्चा करते नजर आए।
कैबिनेट ने ग्वालियर व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल बिक्री पर परिवहन टैक्स में 50 प्रतिशत छूट के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही स्पेस टेक नीति 2026 पर मुहर लगाई गई, जिसका उद्देश्य स्पेस टेक्नोलॉजी, ड्रोन, सैटेलाइट डेटा और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना है। ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़े फैसले लिए गए, जिनमें सोलर सह स्टोरेज की तीन प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं—300 मेगावाट (4 घंटे), 300 मेगावाट (6 घंटे) और 200 मेगावाट (24 घंटे) की सोलर स्टोरेज परियोजनाएं, ताकि पीक डिमांड के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
कैबिनेट ने प्रदेश के 1.21 लाख से अधिक शिक्षकों के लिए चतुर्थ श्रेणी क्रमोन्नत वेतनमान योजना को मंजूरी दी, जिस पर करीब 322 करोड़ रुपये का व्यय आएगा। इसके अलावा प्रदेश में 200 नए सांदिपनी विद्यालय खोलने के दूसरे चरण को हरी झंडी दी गई, जिन पर लगभग 3660 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बैठक में मोहनपुरा विस्तारीकरण और सुल्तानपुर उद्धहन सिंचाई परियोजना सहित कई अहम प्रस्ताव भी पास किए गए, जिससे 11 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी और 10 हजार से ज्यादा किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। कुल मिलाकर, मोहन सरकार की इस कैबिनेट बैठक में विकास, तकनीक और जनकल्याण पर फोकस साफ नजर आया।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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