Advertisement
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका से विश्व हिंदू प्रवासियों ने एक पत्र भेजा है, जिसमें बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता जताई गई है। पत्र में हत्याओं, भीड़ के हमलों और कथित तौर पर सरकारी कार्रवाई की कमी का जिक्र करते हुए भारत सरकार से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की गई है। प्रवासी समूहों ने लिखा है कि यह अपील वे बेहद दुख और मजबूरी में कर रहे हैं। पत्र में एक युवा बांग्लादेशी हिंदू दीपू चंद्र दास की लिंचिंग और जिंदा जलाए जाने की घटना का हवाला देते हुए कहा गया है कि ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन उन्हें रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
पत्र में 1950 के लियाकत–नेहरू पैक्ट का भी जिक्र किया गया है। प्रवासी हिंदू समूहों ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने पाकिस्तान के साथ जो समझौता किया था, उसमें अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का वादा किया गया था, लेकिन यह समझौता पूरी तरह विफल साबित हुआ। उस समय बांग्लादेश पाकिस्तान का हिस्सा था और पूर्वी पाकिस्तान कहलाता था। इसके अलावा, 1971 के लिबरेशन वॉर के बाद भारत आए कई हिंदू शरणार्थियों को दोबारा बांग्लादेश भेजे जाने का भी उल्लेख किया गया है। प्रवासी समूहों ने मांग की है कि भारत सरकार बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |