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सोने की कीमतों में तेजी का सिलसिला फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। एचएसबीसी रिसर्च के मुताबिक 2026 के पहले छह महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5000 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार कर सकता है। इस समय गोल्ड करीब 4,471 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। बैंक का मानना है कि 2025 में दिखा मजबूत मोमेंटम 2026 में भी जारी रह सकता है, हालांकि बीच-बीच में हल्की गिरावट भी संभव है।
एचएसबीसी के अनुसार सोने की मौजूदा रैली सेफ-हेवन डिमांड और रिस्क-ऑफ पोजीशनिंग का नतीजा है। कमजोर अमेरिकी डॉलर, पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता और अमेरिका समेत कई देशों में बढ़ता फिस्कल घाटा निवेशकों को गोल्ड की ओर आकर्षित कर रहा है। इसके अलावा यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट तनाव, अमेरिका-चीन टकराव और वेनेजुएला से जुड़े घटनाक्रम जैसे भू-राजनीतिक जोखिम भी सोने-चांदी की कीमतों को मजबूती दे रहे हैं।
केंद्रीय बैंकों की ओर से जारी गोल्ड खरीदारी भी कीमतों को सहारा दे रही है, हालांकि ऊंचे दामों के चलते इसकी रफ्तार कुछ धीमी हो सकती है। एचएसबीसी का मानना है कि 2026-27 में खनन उत्पादन और रीसाइक्लिंग बढ़ने से आगे चलकर कीमतों में नरमी भी आ सकती है, जो निवेशकों के लिए मौका साबित हो सकता है। फिलहाल 9 जनवरी को MCX पर 24 कैरेट सोना 10 ग्राम 1,38,419 रुपये और चांदी 2,48,447 रुपये प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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