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कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने एक बार फिर भारतीय अर्थव्यवस्था को ‘डेड-इकॉनमी’ बताते हुए जीडीपी ग्रोथ के सरकारी दावों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि विकास दर को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत अलग है। तिवारी ने पूछा कि अगर अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है तो मनरेगा में 90-10 का अनुपात घटाकर 60 क्यों किया गया। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और छोटे-मझोले उद्योगों के बंद होने का हवाला देते हुए कहा कि अगर तस्वीर इतनी अच्छी है, तो सच्चाई इतनी खराब क्यों है।
आने वाले बजट सत्र को लेकर तिवारी ने कहा कि बजट चाहे किसी भी दिन पेश हो, लेकिन जनता से किए गए वादे पूरे होने चाहिए। उन्होंने ‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इसमें गारंटी खत्म कर दी गई है और फैसले स्थानीय जरूरतों के बजाय ऊपर से थोपे जा रहे हैं। इसके अलावा दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हुई पथराव की घटना को उन्होंने प्रशासनिक नाकामी बताया और कहा कि कार्रवाई से पहले लोगों को भरोसे में लिया जाना चाहिए था, ताकि भ्रम और तनाव की स्थिति पैदा न होती।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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