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यूपी कैबिनेट ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दो महत्वपूर्ण फैसले लिए। फर्जी डिग्री प्रकरण में जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद को परिसमापन के लिए मंजूरी दी गई, जबकि आईआईएमटी विश्वविद्यालय, मेरठ को ग्रेटर नोएडा में ऑफ-कैंपस संचालन की अनुमति मिली। जेएस विश्वविद्यालय ने बीपीएड पाठ्यक्रम में फर्जी मार्कशीट और डिग्रियां जारी कीं, जिससे शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता प्रभावित हुई। योगी सरकार ने परिसमापन के दौरान विश्वविद्यालय की गतिविधियों के सीमित संचालन हेतु त्रि-सदस्यीय अंतरिम समिति भी गठित की।
आईआईएमटी विश्वविद्यालय के ग्रेटर नोएडा ऑफ-कैंपस को एलओपी जारी करने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे। इस कदम से राज्य में शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और नियमों के पालन का संदेश मजबूत हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सख्त कार्रवाई अन्य निजी विश्वविद्यालयों को भी नियमों के पालन के लिए सचेत करेगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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