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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मास्टर प्लान के तहत अगले पांच साल में जयपुर, इंदौर, भोपाल, रायपुर, उज्जैन और अन्य प्रमुख शहर ‘रेल नगरी’ के रूप में विकसित होंगे। इस योजना के लागू होने के बाद इन शहरों के रेलवे स्टेशनों की क्षमता दोगुनी होगी, नई ट्रेनें चलेंगी और यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिलेंगी। योजना का उद्देश्य रेलवे नेटवर्क को आधुनिक और सक्षम बनाना है ताकि यात्री सुविधा और कनेक्टिविटी दोनों बढ़ सकें।
योजना में लंबी दूरी की एक्सप्रेस, मेल और वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए शहरों में नए प्लेटफॉर्म, आरामदायक प्रतीक्षालय, चौड़े फुटओवर ब्रिज और एस्केलेटर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उपनगरीय रेल के विस्तार से दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में लोकल ट्रेन की फ्रीक्वेंसी भी बढ़ाई जाएगी। योजना के तहत नए टर्मिनल, मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स, मल्टीट्रैकिंग और सिग्नलिंग सिस्टम का अपडेट भी शामिल है।
इस योजना में शामिल प्रमुख शहर हैं: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, जयपुर, जोधपुर, इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रायपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु, अहमदाबाद, पटना, लखनऊ, पुणे, नागपुर, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर, मथुरा, अयोध्या, आगरा, पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, चंडीगढ़, लुधियाना, अमृतसर, जम्मू, वडोदरा, सूरत, मडगांव, कोचीन, पुरी, भुवनेश्वर, विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, तिरुपति, हरिद्वार, गुवाहाटी, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गया, मैसूर, कोयंबटूर, टाटानगर, रांची और बरेली।
इस मेगा प्रोजेक्ट के तीन चरणों में पूरे होने के बाद देश के रेलवे नेटवर्क में सुधार और यात्रियों की सुविधा में बड़ा बदलाव आएगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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